राज्य सभा II Rajya Sabha II आपकी पसंद वाली जानकारी II GK


राज्य सभा


राज्य सभा, house of people

राज्य सभा

    राज्य सभा सदस्यों की अर्हताएं/योग्यता

1.    
अनुच्छेद 84 में संसद की सदस्यता के लिए योग्यताएं निर्धारित की गई है. 
2.     भारत का नागरिक होना चाहिए. 
3.     उसकी आयु कम से कम 30 वर्ष होनी चाहिए. 
4.     अन्य योग्यताएं जो संसद द्वारा बनाई गई विधि के अधीन हो. 

राज्य सभा के लिए निर्हताएँ/अयोग्यताएँ

1.   अनुच्छेद 102 में राज्य सभा के सदस्यों के लिए निर्हताएँ/अयोग्यताएँ निर्धारित की गई है जैसे : 
a.   दिवालिया या पागल घोषित हो. 
b.   भारत या राज्य सरकार के अधीन किसी लाभ के पद पर हो. 
c.    उसने स्वेच्छा से विदेशी नागरिकता को अपना लिया हो. 

राज्य सभा सदस्यों का चुनाव

    1.            अनुच्छेद 80 (4) के मुताबिक राज्य सभा के सदस्यों का निर्वाचन राज्य विधान सभाओं के निर्वाचन सदस्यों द्वारा अनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा किया जाता है.    
2.            अनुच्छेद 83 एक के मुताबिक राज्य सभा एक स्थायी निकाय हैं.
    3.            राज्य सभा का विघटन नहीं किया जा सकता है. 
    4.            इसके सदस्यों का चुनाव 6 साल के लिए होता है. 
    5.            एक तिहाई सदस्य प्रत्येक दूसरे साल की समाप्ति पर सेवा निवृत्त हो जाते हैं.
 

राज्य सभा के सीटों का आवंटन

    1.            राज्य सभा में सीटों की संख्या की बात है तो संविधान की चौथी अनुसूची में राज्य सभा सीटों के आवंटन का प्रावधान किया गया है. 
    2.            सीटों का आवंटन प्रत्येक राज्य की आबादी के आधार पर किया जाता है. 
    3.            अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, दादर और नागर हवेली दमन और दीव एवं लक्ष्यद्वीप का राज्य सभा में कोई प्रति निधि नहीं है, क्योंकि इनकी जनसख्या सबसे कम है.    
4.            राज्यों क पुर्नगठन और नए राज्यों के गठन से आवंटित सीटों में बदलाव है. 
    5.            आवंटित सीटों की संख्या 1952 से अब तक कई बार बदली. 
    6.            उम्मीदवार को न्यूनतम मान्य वोट मिलने चाहिए. 
    7.            वोटों की गिनती सीटों की संख्या पर निर्भर करती हैं.    
8.            सदस्यों का चुनाव राज्य विधान सभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है. 
    9.            विधान परिषद के सदस्य वोट नहीं डाल सकते हैं. 
10.            नामांकन दाखिल करने के लिए न्यूनतम 10 सदस्यों की सहमति जरूरी है. 
11.            सदस्यों का चुनाव एकल हस्तांतरणीय मत द्वारा निर्धारित कानून से होता है. 
12.            राज्य विधान सभा सीटों को राज्य सभा की सदस्यों की संख्या में एक जोड़कर विभाजित किया जाता है. 
13.            विभाजित करने के बाद उसमें 1 जोड़ा जाता है.

(इसे तरह से समझा जा सकता है.)

14.            महाराष्ट्र विधान सभा में कुल 288 विधायक हैं. 
15.            7 राज्य सभा सीट के लिए चुनाव होने हैं. 
16.            7 में 1 जोड़ने पर यह संख्या 8 होती है. 
17.            अब कुल सदस्य 288 है तो उसे 8 से विभाजित करने पर 36 आता है. 
18.            फिर 36 में 1 जोड़ने पर यह संख्या 37 हो जाती है. 
19.            यानी की महाराष्ट्र से राज्य सभा सांसद बनने के लिए उम्मीदवार को 37 प्राथमिक वोटो की जरूरत होगी. 

राज्य सभा का गठन

1.          संघीय व्यवस्था में राज्यों के हितों की रक्षा करने के लिए किया गया है. 
2.          संरचना और निर्वाचन पद्धति लोकसभा से पूरी तरह भिन्न है. 
3.          राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा निर्वाचित किया जाए. 
4.          राष्ट्रपति द्वारा 12 सदस्यों के नाम निर्देशन का  उपबन्ध किया गया है. 
5.          इस सदस्यता के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष तय की गई है. 
6.          3 अप्रैल 1952 को गठन किया गया. 
7.          23 अगस्त, 1954 को नाम की घोषणा की गई. 
8.          13 मई, 1952 को पहले सत्र की पहली बैठक हुई. 
9.          233 सदस्य राज्यों और संघ राज्य क्षेत्र दिल्ली और पुडुचेरी के प्रतिनिधिहैं और 12 राष्ट्रपति द्वारा नामित है. 
10. साहित्य विज्ञान, कला और समाज सेवा के क्षेत्र में विशेष ज्ञान रखता हो और व्यवहारिक अनुभव रखते हैं.
 

राज्य सभा की शक्तियां

1.    लोकसभा की तरह राज्य सभा को भी विधायी शक्तियां दी गई है. 
2.    धन विधेयकों को छोड़कर दोनों सदनों के सामान्य विधेयक के संबंध में समान अधिकार है. 
3.    अनुच्छेद : 108 के अनुसार दोनों सदनों में मतभेद की स्थिति होने पर सयुक्त बैठक में विचार और बहुमत के आधार पर फैसला लेने का प्रावधान किया गया है. 
4.    संविधान  संशोधन विधेयक के संबंध में भी लोक सभा की तरह शक्तियां प्राप्त है. 
5.    ऐसे विधेयको में संयुक्त बैठक की व्यवस्था नहीं है. 
6.    वही धन विधेयक के मामले में लोक सभा से कम शक्तियां दी गई है राज्य सभा को. 
7.    धन विधेयक लोक सभा में ही पेश होने का नियम है. लोक सभा से पारित होने के बाद 14 दिन के अंदर विधेयक लौटाना होगा. 
8.    अगर राज्य सभा नहीं लौटाती है, तब धन विधेयक को दोनों सदनों से पारित माना जाता है. 
9.    धन विधेयक पर संशोधनों को मानने के लिए लोक सभा बाध्यकारी नहीं है. 
10.       कार्य पालिका संबंधी शक्तियां प्राप्त हैं. 
11.       मंत्री से प्रश्न पूछने और आलोचना करने का अधिकार दिया गया है. 
12.       संसद कि किसी भी सभा से मंत्री का चुनाव संभव है. 
13.       संविधान सभाओं के बीच मंत्री चुनाव को लेकर कोई भेद नहीं है. 
14.       प्रत्येक मंत्री को किसी भी सभा में बोलने का अधिकार है. 
15.       सदन की कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार होता है.  
16.       जिस सभा को सदस्य है वही मत दे सकता है. 
17.       राज्य सभा को राष्ट्रपति का निर्वाचन का अधिकार है. 
18.       संविधान सभाओं के बीच मंत्री चुनाव को लेकर कोई मतभेद नहीं करता है. 
19.       लेकिन वह उसी सभा में मत देने का हकदार होता है, जिस सभा के सदस्य होता है. 
20.       राज्य सभा को राष्ट्रपति का निर्वाचन का अधिकार है. 
21.       महाभियोग और उपराष्ट्रपति का निर्वाचन का अधिकार है. 
22.       महाभियोग और उपराष्ट्रपति का निर्वाचन का अधिकार है. 
23.       आपात काल की उद्घोषणा का अनुमोदन का अधिकार है. 
24.       राज्यों में संवैधानिक तत्र की विफलता से संबंधि उद्घोषणा का अधिकार है. 
25.       वित्तीय आपातकाल में विशेष अधिकार है. 
26.       अनुच्छेद 249 के तहत दो-तिहाई बहुमत संकल्प पारित करके राज्य सूची के विषय पर नियम बनाने का अधिकृत कर सकती है. 
27.       अनुच्छेद 312 के तहत संघ और राज्यों की आवश्यकताओं को पूरी करने के लिए एक नई अखिल भारतीय सेवा के निर्माण से जुड़ा संकल्प भी पारित करने का अधिकार है. 
28.       संविधान की चौथी अनुसूची में राज्य सभा में सीटों के आवंटन का प्रावधान किया गया है. 
29.       एक तिहाई सदस्य प्रत्येक दूसरे साल की समाप्ति पर सेवानिवृत होते हैं. 
30.       सदस्यों का चुनाव राज्य विधान सभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है. 
31.       विधान परिषद के सदस्य वोट नहीं डाल सकते हैं.

 अन्य महत्वपूर्ण तथ्य जो राज सभा से जुड़े हैं :

1.          वर्तमान में राजसभा में सदस्यों की संख्या 245 हैं, जिनमें 229 सदस्य राज्य विधान सभाओं के सदस्यों द्वारा एवं 4 संघीय क्षेत्रों (3-दिल्ली और 1-पुडुचेरी) से एकल संक्रमणीय मत पद्धति से निर्वाचित होते हैं जबकि 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाते हैं. 
2.          संविधान के अनुच्छेद 80 के अनुसार सदस्यों की अधिकतम संख्या 250 निर्धारित किया है. 
3.          राज्य सभा के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्षों का होता है. 
4.          अनुच्छेद 80 के अनुसार राष्ट्रपतिद्वारा राज्य सभा में 12 व्यक्ति मनोनीत किए जाते हैं. 
5.          भारत की प्रथम महिला अभिनेत्री जिसे राज्य सभा के लिए नामांकित किया गया नरगिस दत्त थी. 
6.          आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को राज्य सभा में समान प्रतिनिधित्व प्राप्त है, जहाँ पर 18-18 सीटें हैं जबकि महाराष्ट्र में 19, गुजरात में 11, बिहार 16, मध्य प्रदेश 11 (पूर्व में 16), छतीसगढ़ 5 और राजस्थान में 10 राज्य सभा सीटें हैं. 
7.          उप – राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 89(1) एवं अनुच्छेद 64 के अनुसार वह राज्य सभा को पदेन सभापति होता है. 
8.          भारत की संसद राष्ट्रपति और लोक सभा एवं राज्य सभा दोनों सदनों से मिलकर बनती है. इन्हें संविधान के अनुच्छेद 79 के अनुसार संसद के अंग भी कहा जाता है 
9.          राज्य सभा अधिवेशन साल में कितनी बार होता है तो – दो बार. 
10. राज्य सभा की बैठक राष्ट्रपति बुलाता है.

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