20वीं शताब्दी के राष्ट्रीय आन्दोलन part 3 II GK सभी परीक्षाओं के लिए जरूरी है...

20वीं शताब्दी के राष्ट्रीय आन्दोलन part 3

1.                तिलक के होमरूल के क्षेत्रों [कर्नाटक, महाराष्ट्र (बंबई को छोड़कर), मध्यप्रान्त एवं बरार] को छोड़कर देश के बाकी सभी हिस्सों में होमरूल आन्दोलन को फैलाने का दायित्वऐनी बेसेंट पर था.
2.                1917 ई. में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता ऐनी बेसेंट ने की.
3.                सांप्रदायिक अधिनिर्णय के विरुद्ध गाँधी जी के आमरण अनशन के बाद पूना समझौता 24 सितम्बर, 1932 को हस्ताक्षरित हुआ. इस समझौते पर गाँधी के समर्थकों एवं अंबेडकर ने हस्ताक्षर किए थे. गाँधी जी ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए थे.
4.                ऐनी बेसेंट 1893 ई. में भारत आयीं और थियोसोफिकल सोसाईटी का पूरे भारत में प्रचार-प्रसार किया. एनी बेसेंट ने भारतीयों की स्वशासन की मांग को लेकर 1916 में होमरूल आन्दोलन चलाया. उन्होंने न्यू इंडिया तथा कामनवील नामक समाचार पत्र निकाले.
5.                ब्रिटिश सरकार ने युद्ध के दौरान 1917 ई. में ऐनी बेसेंट को नजरबंद कर दिया यह घटना उनके लिए वरदान सिद्ध हुई, क्योंकि 1917 ई. में कांग्रेस अधिवेशन में उन्हें अध्यक्ष चना गया.
6.                ये भारत के पूर्ण स्वतंत्रता के पक्ष में नहीं थी, ये भारत को होमरूल दिलवान चाहती थी, इसी कारण गाँधीजी से इनका मतभेद था, इन्होंने गाँधीजी को शैतान तक की संज्ञा दे दी.
7.                साइमन कमीशन (1927) के प्रत्युतर में नेहरू रिपोर्ट (1928) तैयार की थी, जिसमें भारत के नए डोमिनियन संविधान का खाका था. इसे तैयार करने वाली सर्वदलीय समिति के अध्यक्ष मोतीलाल नेहरु थे.
8.                जवाहर लाल इसके सचिव थे. दो मुस्लिमों सहित कुल 9 अन्य लोग इस समिति के सदस्य थे. नेहरू रिपोर्ट (928) में भारत के लिए पूर्ण स्वतंत्रता के स्थान पर डोमोनियन स्टेट्स (अधिराज्य का दर्जा) की बात ही कही गई थी. इसमें सांप्रदायिक आधार पर पृथक निर्वाचक मंडलों के स्थान पर अल्पसंख्यकों हेतु आरक्षित स्थानों के लिए संयुक्त निर्वाचक-क्षेत्रों का प्रस्ताव था. साथ ही इसके तहत प्रस्तावित संविधान में भारतीयों के लिए भाषण देने,समाचार निकालने, सभाएं करने, संगठन बनाने आदि की स्वतंत्रता के अधिकार हसित मैलिक अधिकारों का भी प्रावधान किया गया था.
9.                असहयोग आन्दोलन की असफलता के बाद स्वराज पार्टी (कांग्रेस-खिलाफत स्वराज पार्टी) का गठन मार्च, 1923 में सी. आर. दास और मोतीलाल नेहरु ने किया. सी. आर. दास इसके अध्यक्ष तथा मोतीलाल नेहरू इसके महासचिव थे. स्वराज पार्टी ने अपने को कांग्रेस के विभिन्न हिस्से के रूप में प्रचारित किया. साथ ही अहिंसा और असहयोग के प्रति अपनी वचन बद्धता को दोहराया.
10.          अगस्त प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार करते हुए कांग्रेस ने गांधीजी के नेतृत्व में व्यक्तित्व सत्याग्रह ब्रिटिश सरकार की भारत नीति के प्रति नैतिक विरोध की प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति थी. व्यक्तिगत सत्याग्रह की शुरुआत 17 अक्टूबर, 1940 को हुई, विनोबा भावे प्रथम सत्याग्रही की शुरुआत 17 अक्टूबर, 1940 को हुई. विनोबा भावे प्रथम सत्याग्रही थे और पं. जवाहर लाल दूसरे.  
11.          2 सितम्बर, 1946 को पंडीत जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में अतंरिम सरकार की स्थापना हुई.
12.          कैबिनेट मिशन योजना के तहत अंतरिम सरकार की घोषणा 24 अगस्त, 1946 को हो गई थी.
13.          लीग के अंतरिम सरकार में शामिल होने के बाद इसमें पं. जवाहर लाल सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, आसफ अली, डॉ. जॉन मथाई, जगजीवन राम, सरदार बलदेव सिंह, गजनफ़र अली खां, लियाकत अली खां, अब्दुर रब निस्तार, इब्राहिम इस्माइल चुन्द्रीगर, सी. राजगोपालाचारी एवं डॉ. सी. एच. भाभा शामिल थे. इसमें विधि मंत्री लीग द्वारा नामित जोगेंद्र नाथ मंडल थे. लीग के 5 सदस्य इसमें कांग्रेसियों शरतचन्द्र बोस, शफात अहमद खां और सैयद अली जहीर के स्थान पर शामिल किए गए थे. बी. आर. अम्बेडकर इसमें शामिल नहीं थे.
14.          1939 में त्रिपुरी संकट के बाद कांग्रेस की अध्यक्षता से त्यागपत्र के पश्चात सुभाष चन्द्र बोस ने ‘फारवर्ड ब्लॉक’ की स्थापना की. यह संगठन वामपंथी विचारधारा पर आधारित था.
15.          चंपारण आन्दोलन – 1917 ई.
16.          अहमदाबाद मजदूर आन्दोलन – फरवरी, 1918.
17.          खेड़ा आन्दोलन – मार्च, 1918.
18.          रौलेक्ट एक्ट आन्दोलन – 1919.
19.          चंपारण आन्दोलन बिहार के किसानों के नील की खेती से संबंधित था.
20.          अहमदाबाद आन्दोलन अहमदाबाद के मिल मजदूरों कके प्लेग बोनस के विवाद से संबंधित था.
21.          खेड़ा आन्दोलन खेड़ा जिले में फसल नष्ट होने के बाद बावजूद किसानों से लगान वसूली से संबंधित था.
22.          20 फरवरी, 1947 को इटली ने हॉउस ऑफ़ कामन्स के समक्ष बयान दिया कि जून, 1948 तक अंग्रेज भारत छोड़ देंगे. इसी परिप्रेक्ष्य में 22 मार्च, 1947 को माउंटबेटन भारत आए और 3 जून, 1947 को माउंटबेटन योजना प्रस्तुत की गई. माउन्ट बेटन शीघ्र ही सत्ता हस्तांतरण संबंधी वार्ताओं के दौरान इस निष्कर्ष पर पहुँचे की भारत का बंटवारा तथा पाकिस्तान की स्थापना आवश्यक हो गई है.
23.          माउंट बेटन द्वरा तैयार की गई भारत विभाजन की योजना को ‘माउन्टबेटन योजना’ के नाम से जाना जाता है.
24.          ब्रिटिश संसद द्वारा 18 जुलाई, 1947 को ‘भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम’ पारित किया गया.
25.          इसी के तहत 15 अगस्त, 1947 को भारत को स्वतंत्रता प्रदान कर दी गई.
26.          महात्मा गाँधी ने 12 मार्च, 1930 को अपना प्रसिद्ध ‘दंडी मार्च’ शुरू किया. उन्होंने साबरमती आश्रम से 78 चुने हुए साथियों के साथ सत्याग्रह के लिए कूच किया. 24 दिनों की लंबी यात्रा के बाद उन्होंने 6 अप्रैल, 1930 को दंडी में संकेतिक रूप से नमक कानून भंग किया और इस प्रकार नमक कानून तोड़कर उन्होंने औपचारिक रूप से सविनय अवज्ञा आन्दोलन का शुभारंभ किया. सविनय अवज्ञा आन्दोलन गाँधीजी के नेतृत्व में पूरे देश में फ़ैल गाया. तमिलनाडु में गाँधीवादी नेता सी. राजगोपालाचारी ने तिरुचेनगोड़ आश्रम से त्रिचरापल्ली के वेदारण्य तक नमक यात्रा की.
27.          गाँधी ने सविनय आवज्ञा आन्दोलन प्रारंभ से पहले वायसराय इरविन के समक्ष 11 मागें रखी थी, उसमें नमक कर एवं नमक पर सरकारी एकाधिकार की समाप्ति की मांग की गई थी. इसी उद्देश्य को लेकर 12 मार्च, 1930 को गाँधी ने अपने 78 चुने हुए साथियों के साथ दंडी मार्च  शुरू किया, 6 अप्रैल, 1930 को महात्मा गाँधी ने दंडी में एक मुट्ठी नमक हाथ में लेकर सविनय अवज्ञा आन्दोलन का श्रीगणेश किया.
28.          आचार्य विनोबा भावे को पहली बार सविनय अवज्ञा आन्दोलन में भाग लेने के कारण गिरफ्तार किया गया.
29.          अमेरिकी पत्रकार बेब मिलर को गंधी जी ने दांडी मार्च के समय अपने साबरमती आश्रम में ठहराया था.
30.          गाँधीजी द्वारा चंपारण सत्याग्रह का सफल नेतृत्व करने के कारण रबिन्द्रनाथ टैगोर ने पहली बार उन्हें ‘महात्मा’ कहा.
31.          चौरा-चौरी काण्ड – 5 फरवरी, 1922.
32.          मोपला विद्रोह – 1921 ई.
33.          चटगाँव शस्त्रागार लूट – 18 अप्रैल, 1930
34.          5 फरवरी, 1922 को हुए चौरी-चौरा कांड के कारण महात्मा गाँधी ने असहयोग आन्दोलन वापस ले लिया.
35.          मोपला विद्रोह मालाबार तट पर केरल में मोपला किसानों द्वारा किया गया.
36.          चटगाँव शस्त्रागार लुट के मुख्य सूत्रधार सूर्यसेन थे, ‘मास्टर दा’ के नाम से प्रसिद्ध थे.
37.          4 जुलाई, 1943 को रास बिहारी बोस ने आजाद हिन्द फ़ौज की कमान सुभाष चन्द्र बोस को सौंप दी. 21 अक्टूबर, 1943 को सुभाष चन्द्र बोस ने सिंगापुर में स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार (आजाद हिन्द सरकार) का गठन किया.
38.          महात्मा गाँधी को सर्वप्रथम ‘राष्ट्रपिता’ सुभाष चन्द्र बोस ने कहा था. 6 जुलाई, 1944 को सुभाष चन्द्रबोस ने आजाद हिन्द रेडियो पर बोलते हुए गाँधी जी को संबोधित किया- ‘भारत की स्वाधीनता का आखिरी युद्ध शुरू हो चूका है. राष्ट्रपिता भारत की मुक्ति के इस पवित्र युद्ध में हम आपका आशीर्वाद और शुकामनाए चाहते हैं.’
39.          सरोजनी नायडू (1879-1949) प्रख्यात कवयित्री और राष्ट्रवाड़ी नेत्री थीं.
40.          1925 में कानपुर में हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 40 वें वार्षिक अधिवेशन में वे कांग्रेस की प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष बनीं. वे महात्मा गाँधी की विश्वासपात्र और निष्ठावान सहयोगी थीं. स्वतंत्रता संग्राम मेंभाग लेने पर इन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा. 1947-48 में यह उत्तर प्रदेश की राज्यपाल भी रही. 
41.          1919 ई. के मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड एक्ट में 10 वर्ष पर इसकी समीझा हेतु के सवैधानिक आयोग के गठन का प्रावधान था. आयोग को यह देखना था कि यह अधिनियम व्यवहार में कहाँ तक सफल रहा और उत्तरदायी शासन की दिशा में कहाँ तक प्रगति करने की स्थिति में हैं. किन्तु ब्रिटेन की कंजरवेटिव सरकार ने इसकी समीक्षा हेतु दो वर्ष पूर्व ही नवम्बर, 1927 में साइमन कमीशन की नियुक्ति कर दी. जॉन साइमन की अध्यक्षता में गठित इस आयोग में कुल 7 सदस्य थे. चूँकि इसमें सभी सदस्य अंग्रेज थे और कोई भी भारतीय इसका सदस्य नहीं था, इसलिए भारतियों ने इसे ‘श्वेत कमीशन’ कहकर इसका बहिष्कार एवं विरोध किया. साइमन कमीशन 3 फरवरी, 1928 को बंबई पहुंचा.
42.          भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस – 1985
43.          जालियावाला बाग – 1919
44.          असहयोग आन्दोलन – 1920
45.          भारत छोड़ो आन्दोलन – 1942
46.          कांग्रेस की स्थापना के समय वासराय लार्ड डफरिन था.
47.          जालिया वाला बाग़ हत्या कांड के समय पंजाब का लेफ्टिनेंट गवर्नर जनरल ओ. डायर था.
48.          असहयोग आन्दोलन के समय भारत का वासराय लार्ड चेम्सफोर्ड था.
49.          भारत छोड़ो आन्दोलन के समय भारत का वासराय लार्ड लिनलिथगो था.
50.          तिलक के होमरूल लीग (24 अप्रैल, 1916 को स्थापित) के पाँच महीने बाद सिंतबर, 1916 में एनी बेसेंट ने आयरलैंड की तर्ज पर अखिल भारतीय होमरूल लीग स्थापित की. ऐनी बेसेंट ने जार्ज अरुडले को अपनी होमरूल लीग का सचिव बनाया और अडयार (मद्रास) में इसका मुख्यालय स्थापित किया.
51.          ऐनी बेसेंट के सहयोगियों में बी. पी. काडिया और सी.पी. रामास्वामी अय्यर प्रमुख थे.
52.          एनी बेसेंट के लीग का स्वरूप अखिल भारतीय था.
53.          15 जून, 1917 को एनी बेसेंट और उनकी दो सहयोगियों जी. एस. अरुडले और बी. पी. वाडिया को गिरफ्तार कर लिया गया.
54.          रविन्द्रनाथ द्वारा अपनी ‘नाइट हुड’ की उपाधि वापस कर दी.
14 जुलाई, 1942 को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक वर्धा में संपन्न हुई. यहीं पर गाँधी जी के प्रयास से कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ प्रस्ताव पारित किया गया. 7 अगस्त, 1942 को बंबई के ऐतिहासिक ग्वालिया टैंक मेंवर्धा प्रस्ताव की पुष्टि हुई. 8 अगस्त, 1942 को थोड़े बहुत संशोधन के बाद अंग्रेजों के विरुद्ध ‘भारत छोड़ो आन्दोलन’ प्रारंभ करने की घोषणा की गई. 9 अगस्त को भारत छोड़ो आन्दोलन आरंभ हुआ.
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