मध्यप्रदेश के प्रमुख लोक नृत्य II GK II सामान्य ज्ञान अध्ययन एक तथ्यपरक जानकारी
मध्य प्रदेश के प्रमुख लोक नृत्य
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| मध्य प्रदेश लोक नृत्य |
1.
बिरहा अथवा अहींराई लोक नृत्य
बिरहा लोक नृत्य का कोई निश्चित समय
नहीं होता है. मन चाहे तब मौज मस्ती में बिरहा किया जा सकता है और यह लोक नृत्य विशेषकर
शादी विवाह, दीपाली में बिरहा लोक नृत्य होता है.
बिरहा लोक नृत्य अहीर जाति के लोग
करते हैं और तब यह अहीराई कहलाता है और इस लोक नृत्य को जो लोग करता है इसका नाम
उस जाति से जुड़ जाता है और वही नामकरण कर दिया जाता है.बिरहा में पूरुष नाचता है और स्त्री
कभी-कभी शामिल हो जाती है.
बिरहा लोक नृत्य बघेलखण्ड में सभी
जातियों में प्रचलित है अहीर, गडरिया, तेली, बारी जातियों में विशेष रूप से
प्रचलित है.
2.
राई लोक नृत्य
यह लोक
नृत्य बुन्देलखण्ड की भांति बघेलखण्ड में वीर राई लोक नृत्य का प्रचलन अधिक है.
बघेल खण्ड में राई ढोलक और नगाड़ीयों पर गाई और बजाई जानेवाला लोक नृत्य है. पुरुष
महिला के वेशभूषा धारण कर नाचता है. राई लोक नृत्य को विशेषकर अहीर जाति के द्वारा
किया जाता है. कहीं कहीं पंडित जाति की महिलाएँ भी करती हैं. इस लोक नृत्य में
पुरुष धोती बाना साफा और पैरों में घुंघरू पहनता है.
3.
केहरा लोक नृत्य
इस लोक
नृत्य में महिला और पुरुष अलग-अलग शैली में नाचते हैं और इसकी मुख्य ताल है कहरवा.
इस लोक नृत्य में पुरुष नृत्य शुरू करने से पहले केहरा गाता है और नृत्य के समय पर
पहुँचने पर मुख्य नर्तक कोई दोहा कहता है. महिला भी नाचने से पहले केहरा गाती है. बेहरा
जाती में केहरा नाच विशेष लोकप्रिय है.
4.
कानड़ा लोक नृत्य
यह लोक नृत्य बुन्देलखण्ड में मुख्य
रूप से धोबी समाज के लोग करते हैं. इस लोक नृत्य को शुरू करने से पहले गजानन भगवान
की कथा गाई जाति है और गायन से पूर्व गुरु वन्दना की जाती है. इस लोक नृत्य को
विशेष रूप से शुभ अवसरों विवाह आदि के अवसर पर किया जाता है. इस लोक नृत्य में
विशेष भाग्य सारंगी लौटा ढोलक और तारे होते हैं कभी-कभी ढोलक की जगह मृदंग का भी
प्रयोग होता है.
5.
सैरा लोक नृत्य
यह लोक नृत्य मुख्य रूप से
बुन्देलखण्ड में श्रावण भादो में किया जाता है. सैरा लोक नृत्य पुरुष प्रधान है.
इस लोक नृत्य में 14 से 20 आदमी सम्मिलित होते हैं. ये लोग वृत्ताकार खड़ा होते हैं
और सवा हाथ का एक एक डंडा लिए रहते हैं. इल लोक नृत्य में सभी नर्तक वृत्ताकार खड़े
होकर कृष्ण लीलाओं के गीत गाते हुए नृत्य करते हैं और आधे नर्तक पहले गाते हैं और
बाद में आधे नर्तक उसी लाईन को दोहराते हैं. इस लोक नृत्य में नर्तक का वेशभूषा
साधारण होता है.
6.
बधाई लोक नृत्य
बुन्देलखण्ड गाँवों में शादी के शुभ
अवसर पर बधाई नृत्य करने का रिवाज है. इस बधाई लोक नृत्य में महिला और पुरुष
संयुक्त रूप से भाग लेते हैं.
7.
ढीमरयाई लोक नृत्य
यह लोक नृत्य ग्रामीण अंचल में विशेष
रूप से लोकप्रिय है. इस लोक नृत्य को ढीमर जाती के लोग इस नृत्य को करते हैं और
इसलिए इस लोक नृत्य को ढीमरयाई लोक नृत्य कहते हैं. इसमें नृत्य करते समय मुख्य
नर्तक श्रृंगार और भक्ति के गीत गाता है. यह दुर्गा पुर्जा शादी विवाह पर किया
जाता है.
8.
मटकी लोक नृत्य
मटकी मालवा क्षेत्र का एक समुदाय
नृत्य है. यह लोक नृत्य मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा अनेकों शुभ अवसर पर किया जाता
है. इस नृत्य में नाचने वाली स्त्री को ‘झेला’ कहा जाता है. यह आमतौर पर पारंपरिक
मावली आलमारी में होता है. इस मटकी लोक नृत्य में सर पर मिट्टी का बर्तन रखा जाता
है.
9.
नौरता लोक नृत्य
यह नौरता लोक नृत्य बहुत ही लोक प्रिय
नृत्य है जिसे अविवाहित लड़कियों के द्वारा किया जाता है. वे अच्छे पति और ख़ुशी से
जीवन आनन्दमय हो के लिए भगवान से मदद मांगती हैं. इस लोक नृत्य को करके देवी
दुर्गा के प्रति श्रद्धा और भक्ति प्रकट की
जाती है.
10.
अहिरावण लोक नृत्य
यह लोक नृत्य मध्यप्रदेश के भारिया
जनजाति के प्रमुख परंपरागत लोक नृत्य है भारम, सेतम, और अहिराई. इस लोक नृत्य को
विवाह आदि सुअवसर पर किया जाता है. यह नृत्य रात भर चलता है.
11.
कमाली लोक नृत्य
कमाली लोक नृत्य को साजन सजना लोक
नृत्य भी कहा जाता है. इस केमाली लोक नृत्य में स्त्री और पुरुष दोने भाग लेते
हैं. यह लोक नृत्य विवाह के समय किया जाता है.
12.
कर्मा लोक नृत्य
इस लोक नृत्य में मध्य प्रदेश की गोंड
और उरांव जनजाति का है. इस लोक नृत्य को मध्य प्रदेश के लोक नृत्यों में से इसे
सबसे पुराना माना जाता है. इस लोक नृत्य को महिला और पुरुष दोनों करते हैं.
13.
जवारा लोक नृत्य
मध्य प्रदेश के बुन्देलखण्ड के
क्षेत्र के लोग समृद्धि के जश्न मनाने के लिए करते हैं. मुख्य रूप से एक किसान लोक
नृत्य है. इस लोक नृत्य को किसान फसल कटाई के बाद करता है. इसमें महिला और पुरुष
रंगीन वेशभूषा में एक साथ नृत्य करते हैं.
14.
तृतीली लोक नृत्य
यह लोक नृत्य मध्य प्रदेश के कमर
जनजाति का एक सबसे लोकप्रिय लोक नृत्य है. आम तौर पर, इस नृत्य में जनजाति की दो
अथवा तीन महिलाएं जमीन पर बैठती हैं और नृत्य प्रदर्शन करती है.
मध्य
प्रदेश अन्य प्रमुख लोक नृत्य :
बारदी या यादव लोक नृत्य,
अहिरी लोक नृत्य, लहंगी लोक नृत्य, आड़ा खाड़ा राजवाड़ी लोक नृत्य, दादर