अम्लीय वर्षा किसे कहते हैं (acid rain) amliya varsha kise kahate hain IIacid rain in hindi II essay on acid rain and its effects in hindi II acid rain kise kahate hain
अम्लीय वर्षा से आप क्या समझते हैं, अम्लीय वर्षा पर निबंध
‘अम्लीय वर्षा’ शब्द (acid rain in hindi) सर्वप्रथम मानचेस्टर (इंगलैण्ड) के रसायन विज्ञानी राबर्ट ऐंग्स स्मिथ ने दिया. औद्दोगिक एवं नगरीकृत क्षेत्रों में उद्दोगों, वाहनों तथा ताप विद्दुत गृहों में जीवाश्म ईंधन जलाने से भारी मात्रा में वायुमंडल में सल्फर और नाइट्रोजन के ऑक्साइडो की उपस्थिति खतरनाक स्तर तक पहुँच जाती है तो वर्षा होने पर वर्षा का जल SO2 और नाइट्रोजन ऑक्साइड के साथ क्रिया करके क्रमशः H2SO4 (सल्फ्यूरिक अम्ल) और HNO3 के साथ भूपटल पर बरसता है (अम्ल वर्षा की परिभाषा) (acid definition) तो ऐसी वर्षा ‘अम्लीय वर्षा’ (acid rain) कहलाता है.पीएच मान किसे कहते हैं, पीएच मान की परिभाषा, ph maan kya hai : ph maan kise kehte hain :-
पूरी तरह शुद्ध जल के (ph man kise kahate hain) PH का मान 7.0 होता है. जैसे-जैसे co2, so2 और अम्लीय अशुद्धियों इसमें घुलती हैं, इसके PH का मान यह संकेत करता हैं कि जल अधिक अम्लीय है. शुद्ध वर्षा का पानी जिसमें co2 घुली रहती है, उसके PH का मान 5.65 होता है. वर्षा, बर्फ और कोहरा में जल PH का मान जब भी 5.6 से कम होता है, उसे ‘अम्लीय वर्षा’ कहते हैं.अम्लीय वर्षा के दुष्प्रभाव (effect of acid rain) effect of acid rain in hindi, acid rain ke nuksan, harmful effects of acid rain in points, अम्ल वर्षा क्या है इसके प्रभाव का वर्णन कीजिए :
1. अम्लीय वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों में स्थित झीलों तथा जलधाराओं में रहने वाले जलीय जीव तथा वनस्पतियों पर अम्लीय वर्षा का दुष्प्रभाव पड़ता है. अम्लीय वर्षा से इन झीलों का पारिस्थितिक तंत्र प्रभावित होता है. कभी-कभी यह प्रभाव इतना तीव्र होता है कि इन झीलों व जलाशयों में पाए जाने वाले सभी जन्तुओ मर जाते हैं.
2. अम्लीय वर्षो कृषि तथा वन क्षेत्रों में भी दुष्प्रभाव पड़ता है. अम्लीय वर्षा से इन झीलों का पारिस्थितिक तंत्र प्रभावित होता है. कभी-कभी यह प्रभाव इंतना तीव्र होता है कि इन झीलों व जलाशयों में पाए जाने वाले सभी जीव-जन्तु मर जाते हैं.
3. अम्लीय वर्षा से मीट्टी की उर्वरा शक्ति कम हो जाता है.
4. अम्लीय वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों में स्थित ऐतिहासिक महत्त्व की इमारते तथा आधुनिक भवनों का क्षरण लगता है जिसे स्टोन कैंसर (stone cancer) कहते हैं. जिसके कारण इमारत या भवन शीघ्र ही जर्जर अवस्था में आ जाते हैं.
5. आगरा स्थित ताजमहल का सफेद संगमरमर मथुरा तेल शोधनशाला और आगरा के फाउंड्री उद्दोगों से निष्काषित गैसों से होने वाली अम्लीयता वर्षा से पीला पड़ने के साथ-साथ कई स्थानों पर क्षरित भी होने लगा है. दिल्ली में थर्मल पावर स्टेशनों से निकली SO2 के कारण राजघाट, विजयघाट, शान्तिवन के स्मारकों का रंग उड़ने लगा है.
6. अम्लीय वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों में निवास करने वाले मनुष्य जब अम्लों से मिश्रित वायु को साँस द्वारा शरीर के अन्दर ले जाते हैं तो उनके शरीर में तपेदिक और कैंसर जैसे रोगों की संभावना बढ़ जाती है. आँखों में जलन होने लगती है. SO2 की अधिक सांद्रता से ह्रदय एवं फेफड़े के सभी रोग हो जाते हैं.
8. उच्च एल्युमिनियम जल-जीवों पर निर्भर पक्षी भी उच्च एल्युमिनियम के कारण अकाल मृत्यु को प्राप्त होते हैं.
9. मृदा में कैल्शियम की कमी से केंचुओं की गतिविधि कम हो जाती है.
10. अम्लीय वर्षा से मानव स्वास्थ्स पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है.
11. अम्लीय वर्षा से मानव स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है.
12. अम्लीय वर्षा पौधों और अन्य जीवों के संतुलन को बिगाड़ देती है.
13. भारत में ईंट के भत्तों के आस-पास चिमनियो से उत्सर्जित SO2 के कारण आम की फसल पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है.
14. SO2 के अधिक सांद्रण से लाइकेन नष्ट हो जाती हैं.
15. अम्लीय वर्षा का वनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है इससे पत्तियों की सतह पर मोम जैसी परत नष्ट हो जाती है और रन्ध्र बंद हो जाते हैं जिससे पेड़-पौधों में विभिन्न जैविक क्रियाएँ; जैसे श्वसन, वृद्धि, प्रकाशसंश्लेषण, जनन, वाष्पोत्सर्जन आदि मंद पड़ जाती है और पेड़ –पौधे सूखने लगते हैं.
16. अम्लीयता के प्रभाव से जल एवं थल दोनों में विद्दमान सूक्ष्म-जीव विषाक्त हो जाते हैं. इन विषाक्त कीड़े-मकोड़ों को खाने वाली चिड़ियों का स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है. कीड़ों की मृत्यु से चिडियों के भोजन में कमी आती है.
किस देश में सर्वाधिक अम्लीय वर्षा होती है, सर्वाधिक अम्लीय वर्षा वाला देश, किस देश में सबसे ज्यादा अम्ल वर्षा होती है,
विश्व के अम्लीय वर्षा से सर्वाधिक प्रभावित देश-स्वीडन, नर्वें और संयुक्त राज्य अमरीका हैं. हेमिल्टन के अनुसार विश्व में जीवाश्म ईंधनों के दहन से उत्सर्जित अम्लीय सल्फेट के कारण प्रतिवर्ष 7000-12000 व्यक्तियों की मृत्यु हो जाती है. अम्लीय वर्षा के दुष्प्रभाव से स्वीडन की 4000 झीलें पूर्णतया नष्ट हो चुकी हैं. यूनाइटेड किंगडम के जिन क्षेत्रों में एक घन मीटर की वायु में SO2 का सांद्रण 170 माइक्रोग्राम तक पहुँच जाता है वहाँ पर सभी लाइकेन मर जाते हैं. कनाडा के ओंटोरियो प्रान्त में 2,50,000 झीलों अम्लीय वर्षा से बुरी तरह प्रभावित हैं. विश्व में फलस्वरूप वहाँ पर लगभग संपूर्ण वन क्षेत्र समाप्त हो गए थे.अम्लीय वर्षा रोकने के उपाय (preventive measures of acid rain) (5 ways we can reduce acid rain), what can you do to help reduce acid rain?, what can humans do to solve acid rain, how to prevent acid rain :-
विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न होने वाली SO2 तथा HNO3 को वायुमंडल में घुलने से रोकने पर ही अम्लीय वर्षा की समस्या का समाधान हो सकता है. इस हेतु निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं :-1. बिजलीघरों, कलकारखाने और ऑटोमोबाइल आदि में ऐसा ईंधन प्रयोग करना चाहिए जिससे सल्फर कम मात्रा में उत्पन्न हो.
2. सौर उर्जा और पवन ऊर्जा का अधिकाधिक प्रयोग करना चाहिए.
3. जीवाश्मो ईंधनों (कोयला एवं खनिज तेल) की दहन प्रणाली में परिवर्तन किया जाए.
4. कारखानों की चिमनियों के मुँह पर ‘बैग फिल्टर’ लगाकर कणिकीय पदार्थों को फिल्टर करना चाहिए.
5. धुएँ के साथ चिमनियो के पास कोलाइडल टैंक बनाए जाने चाहिए.
6. धुएँ के साथ H2SO4 (सल्फ्यूरिक अम्ल) , कैल्शियम हाइड्राऑक्साइड तथा मैग्नीशियम हाइड्राऑक्साइड के क्षारीय विलयनों की रासायनिक अभिक्रिया कराकर नाइट्रस ऑक्साइड को अलग कर सकते हैं.
7. वैगानिकों के अनुसार जो झीलें अम्लीय हो गई है, उनमें क्षारीय पदार्थ, जैसे – चूना मिलाकर लाभ प्राप्त किया जा सकता है.
8. वाहनों में ‘केटेलिटिक कनवर्टर’ तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए. इस तकनीक से वाहनों से नि:सृत हाइड्रोकार्बन्स की मात्रा में कमी आ सकेगी. इसकी कमी के लिए आवश्यक है कि वाहनों को मध्यम गति से चलाया जाए.
यूरोप में युवकों ने अम्ल वर्षा को रोकने के प्रयास के लिए ‘यूरोपीय यूथ फॉर एक्शन’ नामक एक संस्था का गठन किया है. इटली, ब्रिटेन, स्पेन आदि देशों में भी पर्यावरण जागरूकता अधिक है. भारतीय में भी इसी तरह की पर्यावरण जागरूकता की आवश्यकता है.