खिलजी वंश II दिल्ली सल्तनत
खिलजी वंश
1.
अलाउद्दीन खिलजी एक महत्वाकांक्षी सुल्तान था.
उसने ‘सिंकदर द्वितीय सानी’ की उपाधि धारणा की और उसे अपने सिक्कों पर अंकित
करवाया.
2.
वह संपूर्ण विश्व को जीतने की अभिलाषा रखता था.
3.
अलाउद्दीन खिलजी दिल्ली का प्रथम मुस्लिम शासक
था, जिसने दक्षिण भारत को जीता. दक्षिण भारत पर आक्रमण करने वाला प्रथम मुस्लिम
सेनापति अलाउद्दीन खिलजी ही था. मुसलमानों का दक्षिण भारत पर प्रथम आक्रमण
जलालुद्दीन खिलजी के समय में 1296 ई. में अलाउद्दीन खिलजी के सेनापतित्व में
देवगिरी पर हुआ था.
4.
पंड्या राजाओं ने अलाउद्दीन का कभी आधिपत्य
स्वीकार नहीं किया और न ही कोई कर दिया.
5.
धन की दृष्टि से पांड्य राज्य पर किया गया आक्रमण
मलिक काफूर का सबसे सफल आक्रमण था.
6.
होयसल शासक बल्लादेव ने अलाउद्दीन को एक विशेष
खिलवत, एक मुकुट और छत्र दिया था दस लाख टांकों की थैली भेंट की.
7.
अलाउद्दीन खिलजी का दक्षिण भारत पर पहली बार 1296
ई. में आक्रमण हुआ था. उसने यह आक्रमण जलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल में देवगिरी के
तत्कालीन शासक रामचद्र देव पर किया. इस युद्ध में रामचन्द्र देव पराजित हुआ और प्रतिवर्ष
इलिचपुर की आय दिल्ली भेजने का वायदा किया. इस युद्ध में अलाउद्दीन ने लूट अत्यधिक
धन प्राप्त किया.
8.
दिल्ली को कर न भेजने के कारण रामचन्द्र देव के
विरूद्ध अलाउद्दीन ने 1307 ई. में मलिक काफूर के नेतृत्व में एक सेना भेजी.
9.
रामचन्द्र देव को ‘रायरायन’ की उपाधि दी और राज्य
वापस कर दिया.
10.
1312 ई. में मलिक काफूर ने रामचन्द्र के पुत्र
शंकर देव के विरुद्ध भी एक अभियान का नेतृत्व किया था.
11.
अलाउद्दीन ने भू-राजस्व में वृद्धि कर उपज का 50%
खराज के रूप में निश्चित किया.
12.
सल्तनत काल में अलाउद्दीन खिलजी द्वारा मूल्य नियंत्रण
पद्धति को पहली बार लागू किया गया.
13.
अलाउद्दीन ने दो नए कर चरी (दुधारू पशुओं पर) तथा
घरी (घरों पर) लगाएं.
14.
अलाउद्दीन ने एक पृथक विभाग ‘दीवान-ए-मुस्तखराज’
की स्थापना की.
15.
1303 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर विजय
प्राप्त की और उसने अपने पुत्र खिज्र खां के नाम पर चितौड़ का नाम खिज्राबाद रखा.
इस अभियान में अमीर खुसरों ने भी हिस्सा लिया था.
16.
आलूद्दीन के शासनकाल में प्रथम सैन्य अभियान 1298
ई. में गुजरात के विरुद्ध हुआ यहाँ का शासक बघेल राजपूत कर्ण था.
17.
इसी अभियान के समय कैम्बे से मलिक काफूर को पकड़ा
गया.
1301 ई. में रणथम्भौर के राज्य को अलाउद्दीन ने दिल्ली सल्तनत में विलय कर
लिया.