हरितगृह प्रभाव II harit grah prabhav


हरितगृह प्रभाव

ग्रीन हाउस प्रभाव पृथ्वी पर के तापमान में निरंतर (greenhouse effect) वृद्धि होने की समस्या है, (greenhouse effect) क्योंकि सूर्य से आने वाले ताप को पृथ्वी पर रोक तो लिया जीता है परन्तु उसे वायुमंडल से बाहर नहीं निकाला जा सकता है. 
ü ग्रीनहाउस प्रभाव का कारण मुख्यतः ग्रीनहाउस गैसें (co2,  स्मोग गैसें-मीथेन सहित) जलवाष्प और बर्फ कण होते हिं, जो वायुमंडल में अपनी एक पर्त का आवरण बना लेते हैं. 
ü A. Ryabachikov ने अपनी पुस्तक ‘The Changing Faceof Earth’ में इसको Hothouse Effect नाम दिया है, क्योंकि उनके अनुसार co2 मुख्यतः पृथ्वी की सतह और अपने बीच एक ऐसा संभाग (घर) तैयार कर लेती है, जिसमें तापमान की वृद्धि होती है. 

हरितगृह प्रभाव (harit grah prabhav) greenhouse prabhav

1.     सूर्य किरण वायुमंडल में होकर पृथ्वी की सतह पर पहुंचकर उसे गर्म कर देती है. 

2.     पृथ्वी की सतह से कुछ ताप विकिरण होकर वापस लौटता है. कुछ अन्तरिक्ष में चला जाता है और कुछ वायुमंडल में रह जाता है. 

3.     हरितगृह गैसें और जलवाष्प इस ताप के कुछ भाग को आवशोषित कर लेती है शेष पृथ्वी की ओर चला जाता है. 

4.     जब हरितगृह गैसें वायुमंडल में एकत्रित होती रहती हैं जब पृथ्वी पर अधिक ताप होता जाता है.

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