पर्यावरणीय समस्याएँ IIकितने प्रकार के होते हैं


पर्यावरणीय समस्याएँ

पर्यावरण की उत्पत्ति वायु, जल, भूमि, वनस्पति, पेड़-पौधे, पशु मानव सब मिलकर करते हैं, पृथ्वी पर की समस्त वस्तुओं को दो भागों में विभाजित किया गया है जैविक और अजैविक. इन सभी वस्तुओं का प्राणी मात्र पर एकजुट प्रभाव ही पर्यावरण कहलाता है.

अच्छे पर्यावरण की संकल्पना उन स्थितियों से है जिसमें प्राणधारी को समस्त मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति को सके और वह सुखमय जीवन बिता सके. वहीँ विकृत  पर्यावरण अनेक समस्याओं से ग्रसित होता है और जीवन को कष्टमय बना देता है.

पर्यावरण समस्याओं को दो भागों में बांटा गया है:

   a.  प्राकृतिक पर्यावरणीय संकट

1.   बाढ़
2.   सूखा भूकम्प
3.   चक्रवात
4.   बिजली
5.   कुहरा
6.   बर्फ गिरना
7.   पाला ओलावृष्टि
8.   गर्म और शीत हवाएँ
9.   तूफ़ान अथवा बवंडर

   b.  मानवकृत पर्यावरणीय बाधाएं

1.  वायु प्रदूषण
2.  जल प्रदूषण
3.  भूमि प्रदूषण
4.  ध्वनि प्रदूषण
5.  रेगिस्तानिता
6.  विविध अवशिष्ट
7.  भूमि क्षरण
8.  वन्य जीवों की कमी
9.  भूमि का असंगत उपयोग
10.       प्राकृतिक संसाधन का शोषण
11.       संकटमय उद्दोगों की स्थापना
12.       औद्दोगीकरण
13.       शहरीकरण
14.       निराशात्मक भविष्य का प्रस्तुतीकरण
15.       परिवहन के बढ़ते साधन
16.       अस्त-व्यस्त पारिस्थितिक तन्त्र

Previous Post
Next Post
Related Posts