भारत में चिकित्सा शिक्षा का इतिहास (Medical Education) medical education in india II bharat me chikitsa ke vikas II भारत में चिकित्सा शिक्षा
भारत में चिकित्सा शिक्षा का इतिहास (Medical Education) medical
education in india II bharat me chikitsa ke vikas II भारत
में चिकित्सा शिक्षा
1. ब्रिटिश शासन के
दौरान अंग्रेजों ने भारत (भारत में चिकित्सा का योगदान) में यूरोपियन
चिकित्सा प्रणाली का सूत्रपात किया. आरंभ में भारततीय छात्रों में सर्जरी के प्रति
अरुचि थी, परन्तु कलकत्ता में मधुसुदन गुप्ता नाम के छात्र ने एक शव का सर्जरी
करके इस दिशा में भारतीय प्रयास का सूत्रपात कर दिया.
2. कलकत्ता, बम्बई और
मद्रास में आधुनिक (भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम) शिक्षा प्रारंभ
हुई. सन् 1822 में कलकत्ता में देशी चिकित्सक संस्थान की स्थापना हुई. 1826 ई. में
कलकत्ता कॉलेज और कलकत्ता मदरसा में चिकित्सक पाठ्यक्रम शुरू हुई. इसी बीच बंबई
में नेटिव मेडिकल स्कूल खोला गया. 1845 ई. में बंबई में ग्रान्ट मेडिकल कॉलेज की
स्थापना की गई.
3. बीसवीं शताब्दी में
चिकित्सक के क्षेत्र में काफी प्रगति हुई. 1933 ई. में भारतीय चिकित्सीय परिषद (भारतीय
चिकित्सा परिषद लखनऊ यूपी) की स्थापना हुई. 1916 ई. में दिल्ली में
महिलाओं के लिए लेडी हर्टिंग कॉलेज की स्थापना हुई.
4.स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश में अनेक मेडिकल कॉलेज खोले गये, जिनमें
चिकित्सक एवं पैरा चिकित्सा का पाठ्यक्रम आयोजित किये गये. इस प्रकार राष्ट्र में
चिकित्सा शिक्षा का प्रर्याप्त विकास हुआ.