ओजोन परत क्षीणता ( ओजोन परत क्या है )(ozone layer
depletion) ozone layer, importance of ozone layer essay : ozone layer in hindi
जब सूर्य की किरणें वायुमंडल की ऊपरी सतह से टकराती हैं तो
उच्च ऊर्जा विकिरण से ऑक्सीजन (O2) का कुछ भाग अणु
ऑक्सीजन (O2) से मिलकर ओजोन (O3) में
बदल जाता है. ऐसा वायुमंडल में विद्दुत अपघटन और मोटर वाहनों के विद्दुत
स्पार्क से होता है.
यह ओजोन एक पर्त रूप में स्ट्रेटोफियर (समतापमंडल)
में (importance of ozone layer in points) पृथ्वी से लगभग 30 किमी ऊँचाई पर रहती
है.
why is the ozone layer important
ओजोन रक्षा कवच के रूप में कार्य करती है और सूर्य के प्रकाश से पराबैंगनी
(ultavoilet) किरणों को (ओजोन परत से लाभ) पृथ्वी पर (advantages
of ozone layer) आने (importance of ozone layer) से रोकती है ( advantage of ozone layer in hindi ). पराबैंगनी किरणें
बहुत ही हानिप्रद हैं और इससे ‘त्वचा कैंसर’ का खतरा रहता है.
ओजोन की मात्रा लगभग 10 ppm अर्थात 10 लाख वायु परिमाण में 10 भाग
है और सम्पूर्ण पृथ्वी पर हानिप्रद किरणों को वायुमंडल से ऊपर ही
रोक रखने का कार्य एक निश्चित क्रिया के अनुसार करती रहती है.
CFC का उपयोग शीत (ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाली गैस) उपकरणों जैसे एअर कंडीशनर्स,
रेफ्रीजरेटर और ( ओजोन परत का क्षरण के कारण )अन्य उपकरणों में कूलेंट्स
के रूप में किया जाता है. इसका महत्वपूर्ण गुण यह है कि एक बार वायुमंडल
में छोड़े जाने पर (disadvantages of ozone layer in points) यह नष्ट नहीं हो सकता
है और सीधे वायुमंडल की ओजोन पर्त पर हमला कर उसे नष्ट करते हैं.
CFC में उपस्थित क्लोरीन ओजोन को ऑक्सीजन में (advantage
and disadvantage of ozone layer) विघटित कर देती है. इससे सूर्य से आनेवाली
किरणें वायुमंडल में प्रवेश कर जाती हैं.
ओजोन परत के विघटन के दुष्प्रभाव : (causes of
ozone layer depletion) ओजोन परत के विघटन के दुष्प्रभाव
निम्नलिखित हैं : ozone depletion effects
a. कई प्रकार की फसलों की मात्रा और गुणवत्ता में कमी.
b. समुद्रीय परितंत्र का विघटन, अनेक वनस्पतियों और जलचरों के समाप्त होने की आशंका.
c. मनुष्य पर कई जानलेवा रोगों का आक्रमण जैस – त्वचा कैंसर, आँखों का मोतियाबिंद, इम्यून सिस्टम बिगड़ना इत्यादि.
d. स्मोग के बनने में योगदान
e. भवनों की सामाग्री का क्षय इत्यादि.
ओजोन परत को बचाने हेतु प्रयास (efforts to save ozone layers) ozone depletion solutions : ओजोन परत को बचाने के उपाय ( ओजोन परत संरक्षण के उपाय )
1. जनसाधारण को ऐसे उपकरणों का प्रयोग कम करना चाहिए जिससे CFC का उपयोग होता है. जैसे रेफ्रिजरेटर, एअर कंडिशनर्स, खेतों में छिड़काव की दवाइयां आदि.
2. इस समस्या के समाधान के लिए विश्व स्तर पर प्रयास सन् 1985 से ही वियना समारोह, आस्ट्रिया से प्रारंभ हो गये थे. जहाँ पर ओजोन परत के विघटन को रोकने के लिए विश्व के सभी देशों ने मिलकर प्रयास करने का निर्णय लिया.
3. 1987 में मांट्रियल : कनाडा (montreal canada) में एक बैठक में दस्तावेज तैयार किया गया, जिसे मांट्रियल प्रोटोकाल के नाम से प्रसारित किया गया. भारत उस समय इस सम्मेलन में केवल प्रेक्षक (observer ) की भूमिका में था, पर बाद में भारत ने भी इस प्रोटोकॉल जून, 1990 से स्वीकृत माना गया.
4. 1989 ई. में हेलेसिंकी : डेनमार्क (helesinki : denmark) में एक सभी यूरोपियन देशों और 82 अन्य देशों ने एक सम्मेलन आयोजित कर ओजोन परत को बचाने और सुरक्षित रखने के लिए एक समयबद्ध कार्यक्रम तैयार किया, जिससे CFCs के उत्पादन और प्रयोग को रोका जा सके.
5. भारत ने इस प्रोटोकॉल पर नवम्बर, 1992 में हस्ताक्षर किये और 17/9/1992 से इसको अपने देश में लागू माना गया है.
6. अन्तर्राष्ट्रीय ओजोन परत सुरक्षा दिवस प्रति वर्ष 16 सितम्बर को राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर माना जाता है.