वायुमंडल II वायुमंडल किसे कहते हैं II वायुमंडल का अर्थ II (atomsphere) structure of atmosphere upsc II upsc questions on composition and structure of atmosphere II vayumandal kise kehte hain


  वायुमंडल II वायुमंडल किसे कहते हैं II वायुमंडल का अर्थ II (atomsphere) structure of atmosphere upsc II upsc questions on composition and structure of atmosphere II vayumandal kise kehte hain


   वायुमंडल (atomsphere) विभिन्न गैसों का एक आवरण जो पृथ्वी को चारों ओर से घेरे हुए हैं (वायुमंडल का महत्व) तथा गुरुत्वाकर्षण बल के द्वारा पृथ्वी से आबद्ध है. पृथ्वी पर समस्त जीवन का आधार है. वायुमंडल के कारण ही अनेक प्राकृतिक घटनाएँ संभव होती है जैसे बादलों का बनना, गर्जन, विद्दुत का चमकना, वर्षा होना, हिम वर्षा होना, सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय आकाश का लाल होना आदि. वायुमंडल पृथ्वी पर एक हरित गृह (green house) का काम करता है जिससे प्राणियों एवं वनापस्तियों के विकास के लिए उपायुक्त तापमान बना रहता है. वायुमंडल पर पायी जाने वाली ओजोन गैस परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों का बीच में अवशोषण कर लेता है जिससे हानिकारक पराबैंगनी किरणें धरातल पर नहीं पहुँच पाती.
वायुमंडल का संघटक (composition of atmosphere)  वायुमंडल का संगठन, वायुमंडल की संरचना का वर्णन कीजिए, वायुमंडल के संगठन की व्याख्या करेंवायुमंडल में मौजूद वायु जो प्राणतत्व होती है कई गैसों का (vayu mandal mein kaun kaun si gas pai jati hai) मिश्रण होती है. जिनका प्रतिशत निम्नवत है (vayu mandal mein gas ki matra)

A.   नाइट्रोजन – 78%

B.   ऑक्सीजन – 20.9% (vayu mandal mein oxygen ki matra kitni hai) vayumandal me o2 ki matra

C.    आर्गन – 0. 93% (vayu mandal mein argon ki matra kitni hai)

D.   कार्बन डाई ऑक्साइड – 0.03% (vayu mandal mein carbon dioxide ki matra kitni hai) vayumandal me co2 ki matra

E.    हीलियम – 0.025% (vayumandal me hiliyam gas ki matra)

F.    हाइड्रोजन – 0.010% (vayumandal me hydrogen gas ki matra)

G.   ओजोन – 0.03% (vayumandal me ozone gas ki matra)

  वायुमंडल में सबसे अधिक परिवर्तनशील अवयव जलवाष्प है. जिसकी मात्रा ऊँचाई के साथ-साथ घटती जाती है. वायुमंडल  में जलवाष्प की मात्रा विषुवत रेखीय क्षेत्रों में अधिक तथा ध्रुवों की ओर क्रमशः कम होती जाती है.
वायुमंडल की सरचना (structure of atmosphere)संरचनात्मक आधार पर वायुमंडल के (वायुमंडल की परतें in Hindi), वायुमंडल की परतें इन हिंदी, वायुमंडल की परतें कितनी होती (atmosphere layers) है मुख्य भाग निम्नलिखित हैं :-

5 layers of the atmosphere, layers of atmosphere and their importance, temperature variation in different layers of atmosphere :


    1.            क्षोभ मंडल (क्षोभमंडल की विशेषता) troposphere

    2.            समताप मंडल (समताप मंडल किसे कहते हैं) stratosphere

    3.            मध्य मंडल (मध्य मंडल किसे कहते हैं) mesosphere

    4.            आयन मंडल (आयन मंडल किसे कहते हैं) ionosphere

    5.            बाह्य मंडल (बाह्य मण्डल) exosphere

a.   क्षोभ मंडल (troposphere) – धरती के सबसे पास वाली (निचली परत) परत क्षोभमंडल’ कहलाती है. क्षोभमंडल से पृथ्वी की ऊँचाई ध्रुवों पर 8 किमी और भूमध्य रेखा पर 18 किमी होती है. इस भाग में जलवाष्प धूलकणों के साथ और ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और कार्बनऑक्साइड का अधिकतर भाग पाया जाता है. सभी मौसमीय घटनाएं (wheather phenonmena) क्षोभ मंडल में घटित होते हैं जैसे – ओस, पाला, कोहरा, तूफान, मेघ-गर्जन, वर्षा आदि. इस मंडल में तापमान, ऊँचाई के साथ प्रति 1000 मीटर पर 6.50C की दर से घटता जाता है. क्षोभमंडल की ऊपरी सीमा को ट्रोपोपॉज कहते हैं. क्षोभमंडल और समतापी मंडल के बीच का लगभग 1-1/2 किमी चौड़ा भाग क्षोभ स्तर या क्षोभ सीमा कहलाता है.

b.   समताप मंडल (stratosphere)क्षोमंडल के ऊपर समताप मंडल होता है.ऊँचाई के संबंध में विचारों में मतैक्य न होते हुए भी इसकी औसत ऊँचाई 50 किमी मानी जाती है. इस मंडल का तापमान समान होता है और तथा हवा विरल होती है. इस मंडल के निचले भाग में 15-15 किमी ऊँचाई के बीच ओजोन गैस की बहुलता होती है. इस क्षेत्र को ‘ओजोन मंडल’ कहते हैं. ओजोन मंडल का तापमान थोड़ा अधिक होता है. ‘ओजोन मंडल’ को अलग मंडल न मानकर ‘समताप मंडल’ के अंतर्गत ही रखा जाता है. समताप मंडल में चूँकि तापमान की विभिन्नता नहीं होती अत: यहाँ पर आँधी, तूफान, कोहरा, बीजली, मेघ, गर्जन, आदि नहीं होता.

c.    मध्य मंडल (mesosphere)(मध्य मंडल) मध्यमंडल के ऊपर 600 किमी की आयन (ionosphere)(आयन मंडल का विस्तार) पाए जाते हैं (आयन मंडल का विस्तार कितना किलोमीटर से कितना किलोमीटर तक है) जो कि रेडियो तरंगों को धरती की ओर परावर्तित करके दूर संचार को सुगम बनाते हैं. दूर संचार उपग्रहों की स्थापना इसी मंडल में की जाती है.

d.   बाह्य मंडल (exosphere)(बाह्य मण्डल) यह वातावरण की सबसे बाहरी परत होती है. यह 400 किमी से प्रारंभ होती है. इसकी अंतिम सीमा अन्तरिक्ष है.    

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