राज्यस्थान के प्रमुख लोक नृत्य II GK II GS II बिल्कुल एक नयी जानकारी जो परीक्षा उपयोगी


राज्यस्थान के प्रमुख लोक नृत्य

प्रत्येक देश राज्य की अपनी एक अलग सभ्यता संस्कृति होती है है जो सबसे अलग होती है, जिससे उसकी पहचान बनती है. ठीक उसी तरह भारत देश के राजस्थान एक ऐसा राज है जिसे अपना एक भिन्न अलग-अलग लोकनृत्य हैं जिससे राजस्थान की पहचान बनती है और अपना एक विशेष महत्त्व बढ़ जाता है. आज के इस पोस्ट में हम उन्हें बातों के विषय में बात करेंगे...

राज्यस्थान के प्रमुख लोक नृत्य, folk dances of rajsthan
राजस्थान के नृत्य 

  1.          ढोल लोक नृत्य
जगह जालौर
विशेषे वर्णन यह लोक नृत्य शादी-विवाह के सुअसवर पर पुरुषों द्वारा किया जाने वाला समूह नृत्य है. यह लोक नृत्य एक पेशेवर लोक नृत्य है. इस लोक नृत्य में पाँच लोगों के द्वारा एक विशाल ढोल पिटते हैं. यह ढोल उनक गले में बंधे होते हैं.
  2.          घुमर लोक नृत्य
जगह मारवाड़, जयपुर
विशेष वर्णन राजस्थान के लोक नृत्यों की आत्मा कहा जाता है, जो एक समूह नृत्य है और महिलाओ के द्वारा किया जाता है.
  3.          चंग लोक नृत्य
जगह - शेखावटी
विशेष वर्णन होली के अवसर पर पुरुषो द्वारा किया जाने वाला समूह नृत्य है.
  4.          गीदड़ लोक नृत्य
जगह शेखावटी
विशेष वर्णन यह लोक नृत्य डंडा रोपण जो होली के पूर्व से सप्ताह भर के बाद तक चलने वाला जो पुरुषों के द्वारा किया जाने वाला लोक नृत्य है. इस नृत्य के मुख्य वाद्य यंत्र है नागोड़ा, ढोल, डफ और चंग हैं. यह लोक नृत्य समाज के एकता के सूत्रधार का प्रतीक है.
  5.          झूमर लोक नृत्य
जगह हाडोती
विशेष वर्णन मांगलिक अवसरों और त्योहारों पर महिलाओं के द्वारा किया जाना वाला लोक नृत्य है.
  6.          बिन्दौरी लोक नृत्य
जगह झालावाड़
विशेष वर्णन यह लोक नृत्य पुरुषों के द्वारा शादी-विवाह और होली के अवसर पर किया जाता है, जो एक लोक नृत्य है.
  7.          घुडला लोक नृत्य
जगह मारवाड़
विशेष वर्णन इस लोक नृत्य में लड़कियां एक घर से दूसरे घर नाचते हुए तेल मांगती है.
  8.          अग्नि लोक नृत्य
जगह - कटीयासर (बीकानेर)
विशेष वर्णन इस लोक नृत्य को जसनाथी सिद्धों के द्वारा फतै फतै की आवाज को बाहर निकालते हुए जलते आग के अंगारे पर किया जाता है. यह लोक नृत्य जसनाथियों की जीवन शैली का उदाहरण है. यह लोक नृत्य भक्ति लोक नृत्य है जिसे रात के समय में ही देखा जाता है. इस लोक नृत्य का जन्म बीकानेर जिले के कटरियासर गाँव में हुआ है. यह मुख्यतः चुरू, नागौर और बीकानेरी की जात जाती का नृत्य है.
  9.          बम लोक नृत्य
जगह भरतपुर और अलवर
विशेष वर्णन इस लोक नृत्य में पुरुषों का समूह होली के अवसर पर ढाई तीन फीट ऊँचे नगाड़े पर करता है. इस लोक नृत्य को नयी फसल आने और फाल्गुन की मस्ती पर गाँवों में पुरुषों के द्वारा किया जाता है. बम एक बड़ा नगाड़ा होता है. बम की ध्वनि से रसिया गायन किया जाता है, जिसे बमरसिया भी कहा जाता है.
  10.  लांगुरिया लोक नृत्य
जगह - करौली
विशेष वर्णन इस लोक नृत्य को कैला देवी के मेले में किया जाता है.
  11.  डांग लोक नृत्य
जगह  नाथद्वारा (राजसमंद)
विशेष वर्णन यह लोक नृत्य होली क त्यौहारों पर किया जाता है.
  12.  डांडिया लोक नृत्य
जगह मारवाड़
विशेष वर्णन यह लोक नृत्य पुरुषों के द्वारा किया जाता है.
  13.  सूकर लोक नृत्य
जगह दक्षिण राजस्थान
विशेष वर्णन यह लोक नृत्य दक्षिणी पहाड़ी के आदिवासियों के द्वारा लगाकर सूरकर देवता का मुखौटा लगाकर किय जाता है.
  14.  नाहर लोक नृत्य
जगह मांडल (भीलवाड़ा)
विशेष वर्णन यह लोक नृत्य को शेर के वेशभूषा में नर्तक सज-धज कर इस नृत्य को करता है.
  15.  ढप लोक नृत्य
जगह  शेखावटी
विशेष वर्णन इस लोक नृत्य में वसंत पञ्चमी के अवसर पर नर्तकों के द्वारा किया जाता है.
  16.  चोगोला लोक नृत्य
जगह  डूंगरपुर
विशेष वर्णन यह लोक नृत्य होली के अवसर पर महिलाओं और पुरुषों के द्वारा किया जाने वाला लोक नृत्य है.
  17.  रण लोक नृत्य
जगह  मेवाड़
विशेष वर्णन यह लोक नृत्य हाथ में तलवार लेकर पुरुषों के द्वारा किया जानेवाल लोक नृत्य है.
  18.  पेजण लोक नृत्य
जगह  वागड़ (डूंगर पुर और बांसवाड़ा)
विशेष वर्णन यह लोक नृत्य दिवाली के सुअवसर पर किया जाने वाला लोक नृत्य है.
  19.  चारकुला लोक नृत्य
जगह  भरतपुर और अलवर
विशेष वर्णन इस लोक नृत्य में बर्तन सिर पर ऊपर रखकर उसके ऊपर दीप प्रज्वलित कर महिलाओं के द्वारा किया जाता है.
  20.  गैर लोक नृत्य
जगह  गैर मेवाड़
विशेष वर्णन यह लोग नृत्य होली के अवसर पर पुरुषों किया जाने वाला लोक नृत्य है. जो उल्लास और स्फूर्ति प्रदान करता है. घेरे में इस लोक नृत्य को करने के कारण इसे गैरनाम से जानते है. इस लोक नृत्य में कृषक फसल काटने से नई फसल की बुवाई तक गैरकरते रहते है. यह लोक नृत्य मुख्य रूप से भील जनजातियों की संस्कृतियों को प्रदर्शित करता है.


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