साबुन और अपमार्जक
साबुन – साधारणत: साबुन उच्च वसा-अम्लों के सोडियम लवण है. इन उच्च वसा-अम्लों में पामिटिक अम्ल स्टिएरिक अम्ल तथा ओलेइक अम्ल उल्लेखनीय हैं. पामिटिक अम्ल से बने साबुन को सोडियम पामिटेड कहते हैं जिसका आणविक सूत्र (C15H31COONa) होता है.
इसी प्रकार,स्टिएरिक अम्ल से बने साबुन सोडियम स्टिएरेट तथा ओलेइक अम्ल से बने साबुन सोडियम ओलिएट कहलाते हैं.अच्छे साबुन की विशेषताएँ –
  1.   इसमें मुक्त क्षार उपस्थित नहीं रहना चाहिए
  2.   यह एल्कोहाल में विलेय होना चाहिए
  3.    इसमें नमी की उपस्थिति 10% से अधिक नहीं होना चाहिए
  4.   प्रयोग करते समय इसको चटखना नहीं चाहिए

अपमार्जक – साबुन द्वारा कपड़ों की धुलाई में अधिक परिश्रम करना पड़ता है तथ कठोर जल के साथ यह कठिनाई और अधिक हो जाती है. इस कठिनाई को दूर करने के लिए रसायनशास्त्री ने अनेक प्रयास किए. अंतत वे साबुन से भिन्न प्रकार की सफाई करने वाले पदार्थ के निर्माण में सफल हुए. इस पदार्थ को अपमार्जक अथवा साबुनरहित कहते हैं. इसका आविष्कार सर्वप्रथम जर्मनी में प्रथम विश्वयुद्ध के समय हुआ था.


अपमार्जकों के प्रकार
उदहारण
1.    
सोडियम एल्किल सल्फेट
सोडियम लौरिल सल्फेट
2.    
चतुष्क अमोनिया लवण
ट्राई मेथिल स्टिऐरिक अमोनिया ब्रोमाइड
3.    
अंशत: एस्टरीकृत यौगिक
पेंटा एरिथ्रटोल मोनोस्टिऐरेट
4.    
प्रतिस्थापित ऐल्किल सल्फोनेट
सोडियम p-डोडेसिल बेंजीन स्ल्फोनेट


हिन्दी भाषा साहित्य के विषय में अधिक जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें : https://hindibhashasahity.blogspot.com/
Previous Post
Next Post
Related Posts