जीव विज्ञान की विशिष्ट शाखाएँ
1. एनाटोमी – यह जीव विज्ञान की वह शाखा है, जो शरीर की आंतरिक संचरना के अध्ययन से संबंधित है.2. एंथ्रोपोलोजिकल – यह विज्ञान की वह शाखा है जिसमें मानव के विकास, रीति-रिवाज, इतिहास, परंपराओं से संबंधित विषयों का अध्ययन किया जाता है.3. कीमोथेरेपी – यह चिकित्सा विज्ञान की वह शाखा है जिसमें रासायनिक यौगिकों से रोग के उपचार का अध्ययन किया जाता है.4. इकोलॉजी – जीव विज्ञान की इस शाखा में वनस्पतियों तथा प्राणियों के पर्यावरण या प्रकृति से सबंधों का अध्ययन किया जीता है.5. एन्टोमोलौजी – जंतु विज्ञान की इस शाखा में कीट पतंगों का व्यापक अध्यायन किया जाता है.6. एपिमीडियोलौजी – चिकित्सा विज्ञान की यह शाखा महामारी और उनके उपचार से सबंधित है.7. एक्स बायोलोजी – विज्ञान की इस शाखा के अंतर्गत पृथ्वी को छोड़कर अन्य ग्रहों व उपग्रहों पर जीवन की संभावनाओं का अध्ययन किया जाता है.8. जीरोंटोलौजी – वृद्धावस्था से संबंधित तथ्यों का अध्ययन विज्ञान की इस शाखा के द्वारा किया जाता है.9. होर्टीकल्चर – फल फूल व साग सब्जी उगाने, बाग़ लगाने, पुष्प उत्पादन का अध्ययन कृषि विज्ञान की इस शाखा के अंतर्गत किया जाता है.10. हाइड्रोपैथी – चिकित्सा विज्ञान की इस शाखा के अंतर्गत पानी से रोगों की चिकित्सा संबंधीअध्ययन होता है.11. हाईजीन –यह स्वास्थ्य की देखभाल करने वाला विज्ञान है.12. मैमोग्राफी – यह स्त्रियों में पाये जाने वाले प्राणियों तथा पौधों की संरचना, रूप, प्रकार, आदि काअध्ययन विज्ञान की इस शाखा के द्वारा किया जीता है.13. न्यूरोलॉजी – मानव शरीर की नाड़ियों या तंत्रिका का अध्ययन तथा उपचार चिकत्सा विज्ञान केइस शाखा में किया जाता है.14. ओदोंतोग्रफी – यह दांतों का अध्ययन करने वाली चिकित्सा विज्ञान की एक शाखा है.15. ऑस्टियोलौजी – प्राणी विज्ञान की इस शाखा में हड्डियों के अध्ययन किया जाता है.16. पोमोलॉजी – जीव विज्ञान की यह शाखा फालों के अध्ययन से संबंधित है.17. एग्रोस्टोलौजी – यह घासों के अध्ययन से संबंधित जीव विज्ञान की शाखा है.18. कन्कोलौजी – इस शाखा के अंतर्गत शंख विज्ञान का अध्ययन किया जाता है.19. एथनोग्राफी – इस शाखा के तहत मानव जाति का अध्ययन होता है.20. इथोलौजी – इस शाखा के अंतर्गत प्राणियों के आचार तथा व्यवहार का अध्ययन होता है.21. जेनिकोलौजी – जीव विज्ञान की इस शाखा के अंतर्गत जीवों की जातियों के विभेदों का अध्ययनकिया जाता है.22. जियोमेदिशीन – यह औषधि शास्त्र की वह शाखा है, जो जलवायु तथा वातावरण का स्वास्थ्य परप्रभाव का अध्ययन करती है.23. हिलियोथिरेपी – सूर्य के प्रभाव से चिकित्सा करने की प्रक्रिया को हिलियोथिरेपी कहते हैं.24. हाइड्रोपोनिक्स – कृषि विज्ञान की इस शाखा के अंतर्गत जल संवर्धन का अध्ययन किया जाता है.25. फीकोलॉजी – वनस्पति विज्ञान की इस शाखा के अंतर्गत शैवालों का अध्ययन होता है.26. सेरीकल्चर – कृषि विज्ञान की इस शाखा के अंतर्गत रेशम के कीड़े का पालन और उनसे रेशम केउत्पादन का अध्ययन होता है.27. तोक्सोकोलौजी – जीव विज्ञान की इस शाखा के अंतर्गत विषों के बारे में अध्ययन होता है.