महत्वपूर्ण कार्बनिक यौगिक और उनके उपयोग
1. मिथेन -
a.
काला
रंग
b. मोटर टायर तथा छापेखाने की स्याही
c.
प्रकाश
तथा उर्जा उत्पादन में
d. मेथिल एल्कोहाल
e. फार्मेल्डीडाइड व क्लोरोफार्म आदि बानाने में
2. ब्यूटेन -
a. द्रव अवस्था में LPG ईधन के रूप में उपयोग
3. एथिलीन -
a. कच्चे फलों को पकाने एवं उसके संरक्षण में
b. मस्टर्ड गैस बनाने में, निश्चेतक के रूप में,
c. आक्सी-एसीटीलीन ज्वाला उत्पन्न करने में
4. एसितिलिन -
a. प्रकाश उत्पन्न करने में
b. नारसिलेन नामक निश्चेतक के रूप में
c. निओप्रीन नामक कृत्रिम रबर बनाने में
d. कच्चे फलों को कृत्रिम रूप से पकाने में
5. पोलीथिन -
a. तारों और केबिलों के वीद्दुत रोधन में
b. बोतलों की टोपियों के स्तर में,
c. न टूटने वाली बोतलें,
d. पाइप बाल्टी ग्लास
6. पालीस्टाइरीन –
a.अम्ल की बोतलों की टोपियों
b.संचालक सेलों के केस बनाने में
7. एथिल ब्रोमाइड -
a. स्थानीय निश्चेतक के रूप में
8. क्लोरोफार्म -
a. शल्य क्रिया में निश्चेतक के रूप में
b. रबर, चर्बी, लाह आदि के विलायक के रूप में
c. जीवाणुनाशक होने के कारण जंतुओं और वनस्पतियों
से पदार्थो के संरक्षण में आदि.
9. मिथाइल एल्कोहाल -
a. मिथिलेतेड स्पिरिट बनाने में
b. कृत्रिम रंग बनाने में
c. वार्निश तथा पालिश बनाने में
d. पेट्रोल के साथ मिलाकर इंजनों में ईधन के रूप में
आदि.
10. इथाइल एल्कोहाल -
a. शराब तथा अन्य एल्कोहलीय पेय बनाने में
b. दवाओं के काम आने वाले टिंचर बनाने में
c. वार्निश तथा पालिश बानाने में
d. विलायक के रूप में
e. मिथिलेटेड स्पिरिट बनाने में
f. रंग उद्दोग में
g. फलों का इत्र तथा सुंगंध बनाने में
h. पारदर्शक साबुन बनाने में
i. स्प्रिट लैंम्प और स्टोवों में
j. मोटरकार
k. इंजनों में ईधन के रूप में
l. घावों को धोने में
m. कीटाणुनाशक के रूप में
11. ग्लिसराल -
a. नाइट्रोग्लिसरीन बनाने में
b. घड़ियों के कल-पुर्जे को चिकना रखने में
c. मोहरों की स्याही
d. जल के रंग
e. जूतों की पालिश तथा श्रृंगार सामग्री बनाने में
f. पारदर्शक साबुन बनाने में
g. सूजन आदि को ठंडक पहुँचाने वाले मलमल बनाने में
h. मिठाई, शराब और
फलों के संरक्षण में
12. फार्मल्दिहाइड -
a. जीवाणुनाशक के रूप में
b. फोटोग्राफी की प्लेटों पर जिलेटिन फिल्म को स्थिर
रखने में
c. अंडे की सफेदी से वाटर प्रूफ कपड़ा बनाने में आदि.
13. फार्मामिंट -
a. गले की दवा के रूप में
b. चूसने वाली गोलियाँ बनाने में
14. एसेटल्दिहाइड -
a. रंग तथा दवा बनाने में
b. मेटा ऐसेटल्दिहाइड नामक नींद लाने की दवा बनाने
में
c. प्लास्टिक बनाने में
15. ऐसिटोन -
a. वार्निश, कार्डाइट, क्लोडियन सेलूलोस, कृत्रिम
रेशम आदि को घोलने में
b. कृत्रिम रेशम तथा संश्लेषित रबर बनाने में
c. सल्फोनल, क्लोरेटोन, क्लोरोफार्म, आयडोफ़ार्म आदि
दवाओं के निर्माण में
16. फार्मिक अम्ल -
a. जीवानुनाशक के रूप में
b. फलों के रसों को सुरक्षित रखने में
c. चमड़े के व्यापार में
d. रबर के व्यवसाय में
e. रबर का स्कंदन करने में
17. एसिटिक अम्ल -
a. प्रयोगशाला में अभिकर्मक के रूप में
b. सिरके के रूप में
c. आचार, चटनी आदि बनाने में
d. औषधि तथा रंग उद्दोग में
18. एसिटाइल क्लोराइड -
a. एसीटामाइड तथा एसिटिक एन्हाईड्राइड बनाने में
19. एसिटिक एन्हाईड्राइड -
a. रंग उद्दोग में,
b. एस्पिरिन नामक दवा बनाने में
c. सेलूलोस से नकली रेशम बनाने में आदि
20. एसिटामाइड -
a. चमड़े, कपड़े आदि को मुलायम करने तथा कागज की नम
करने में आदि.
21. इथाइल एसीटेड -
a. दवाओं में ,
b. कृत्रिम सुगंध उत्पन्न करने में
22. ऑक्जेलिक अम्ल -
a. कपड़ों की छपाई तथा रंगाई में
b. रोशनाई और कोलतार के रंग बनाने में
c. चमड़े के विरंजन में
d. 10% विलयन से रोशनाई के निशान साफ़ करने में
23. यूरिया -
a. खाद के रूप में
b. फार्मल्दी हाइड तथा यूरिया प्लास्टिक बनाने में
c. उनके दवाओं के निर्माण में
24. ग्लूकोस -
a. विभिन्न तरह के शराब बनाने में
b. ग्लोकोस के रूप में
c. मिठाइयों मुरब्बों तथा फलों के रस सुरक्षित रखने
में
d. कैल्सियम ग्लूकोनेट नामक औषधि के रूप में
25. बेंजीन -
a. विलायक के रूपमें
b. शुष्क धुलाई में
c. पेट्रोल के साथ मिश्रित कर इंजनों के ईंधन के रूप
में
26. टालूईन -
a. शुष्क धुलाई में
b. विलायक के रूप में
c. दवा उद्दोग में
d. रंग उद्दोग में
e. विस्फोटक बनाने में
27. क्लोरोबेंजीन -
a. एनिलिन एवं फिनाल के औद्दोगिक निर्माण में
28. नाइट्रोबेंजीन -
a. मीरबेन के तेल के नाम से साबुनों,
b. पालिशों आदि में सस्ती सुगंधी के रूप में
29. एनिलीन -
a. रंगों के व्यवसाय में
b. औषधियों के निर्माण में
30. फिनाल -
a. कार्बोलिक साबुन बनाने में
b. जीवाणुनाशक के रूप में
c. बेकेलाईट के निर्माण में
d. फेनेसीटीन, एम्पिरिन और सेलोल बनाने में
31. बेन्जल्दिहाईड -
a. रंग उद्दोग में
b. सुगन्धित पदार्थों के निर्माण में आदि
32. बेन्जोइक अम्ल -
a. दवा बनाने में,
b. फलों के रस के संरक्षण में
33. बेन्जीन सल्फोनिक अम्ल -
a. सैकेरिन बनाने में
b. विलेय रंगों के निर्माण में
c. सल्फा ड्रग बनाने में
34. ईथर -
a. निश्चेतक के रूप में
b. विलायक के रूप में
c. ठंडक पैदा करने में
d. एल्कोहल बनाने में
35. कार्बन टेट्राक्लोराइड -
a. अग्निशामक के रूप में
36. यूरोट्रोपीन -
a. मूत्र रोगों के उपचार में
37. गेमेक्सीन -
a. कीटाणुनाशक के रूप में