धातुओं से संबंधित महत्वपूर्ण विविध तथ्य

धातुओं से संबंधित महत्वपूर्ण विविध तथ्य

1.   टंगस्टन का संकेत W होता है. इसका गलनांक लगभग 3500 c होता है.;
2.   भारत में टंगस्टन का उत्पादन राजस्थान स्थित डेगाना खान से होता है.
3.   टंगस्टन तंतु के उपचयन को रोकने के लिए बिजली के बल्ब से हवा निकाल दी जाती है.
4.   बेडीलेआउट –जिरकोनियम का अयस्क है.
5.   जिरकोनियम धातु ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन दोनों में जलते हैं.
6.   न्युट्रानों को आवेशित करने के गुणों के कारण जिरकोनियम का उपयोग नाभिकीय रिएक्टर में किया जाता है. अत यह नाभिकी रिएक्टर का अनिवार्य तत्व है.
7.   बेराइल बेरिलियम धातु का मुख्य अयस्क है.
8.   फ्रान्सियम एक रेडियोसक्रिय द्रव धातु है.
9.   स्टेनस सल्फाइड(SnS2) को को मोसाइल गोल्ड कहते हैं, इसका प्रयोग पेंट के रूप में किया जाता है.
10.                     टिन अपरूपता प्रदर्शित करता है.
11.                     सबसे भारी धातु ओसमियम (Os) है.
12.                     बेरियम हाइड्राक्साइड को बैराईटा वाटर कहते हैं.
13.                     बेरियम सल्फेट का उपयोग बेरियम मील के रूप में उदर के X-        ray में होता है.
14.                     आतिशबाजी के दौरान हरा रंग बेरियम की उपस्थिति के कारण          होता है.
15.                     आतिशबाजी के दौरान लाल चटक रंग स्ट्रान्शियम (Sr) की            उपस्थिति के
      कारण उत्पन्न होता है.
16.                     लिथियम सबसे हल्का धात्विक तत्व है. यस सबसे प्रबल              अपचायक होता है.
17.                     चाँदी सोना, ताँबा, प्लेटिनियम तथा बिस्मथ अपने कम                अभिक्रियाशिलता
      के कारण स्वतंत्र अवस्था में पाये जाते हैं.
18.                     गोल्ड, प्लेटिनम, सिल्वर तथा मरकरी उत्कृष्ट धातुएँ हैं.
19.                     धातुओं में सबसे अधिक आघातवर्ध्य सोना व चाँदी होते हैं.
20.                     पारा व लोहा विद्दुत धारा के प्रवाह में अपेक्षाकृत अधिक प्रतिरोध        उत्पन्न करते हैं.

21.                     चाँदी एवं तांबा विद्दुत धारा का सर्वोत्तम चालक है.
22.                     धातुओं के ऑक्साइड की प्राकृतिक क्षारीय होता है.
23.                     एलुमिनियम का सर्वप्रथम पृथक्करण 1827 में हुआ था.
24.                     प्याज व लहसून में गंध का कारण पोटैशियम की उपस्थिति है.
25.                     कार्नोटाईट का रासायनिक नाम पोटैशियम युरेनिल वेंडेट होता है.
26.                     कैंसर रोग के इलाज में कोबाल्ट के समस्थानिक का उपयोग            होता है.
27.                     स्मेल्टाईट निकेल धातु का अयस्क है.
28.                     वनस्पति तेलों के हाइड्रोजनिकरण में निकेल धातु का उपयोग          उत्प्रेरक के
      रूप में होता है.
29.                     ग्रीनोकाईट कैडमियम का अयस्क है.
30.                     कैडमियम का उपयोग नाभिकीय रिएक्टर में न्यूट्रान के रूप में          संग्राहाक
      बैटरियों में तथा निम्न गलनांक की मिश्रधातु बनाने में होता है.
31.                     एक्तिनाईट रेडियोसक्रिय तत्वों का समूह होता है.
32.                     विश्व प्रसीद्ध टावर का आधार स्टील व सीमेंट का बना  है.
33.                     ठुलिनियम का संकेत Tm होता है.
34.                     वायुयान के निर्माण में पेलेडियम धातु प्रयुक्त होती है.
35.                     गैलियम धातु कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में पाया जाता है.
36.                     सेलीनियम धातु का उपयोग फोटो इलेक्ट्रीक सेल में होता है.
37.                     साइट्रोक्रोम में लोहा उपस्थित होता है.
38.                     जिओलाइट का प्रयोग जल को मृदु बनाने में किया जाता है.
39.                     अधिकांश संक्रमण धातु और उनके यौगिक रंगीन होते हैं.
40.                     पोटैशियम कार्बोनेट को पर्ल एश कहते हैं.
41.                     नाइक्रोम निकिल, क्रोमियम और आयरन का मिश्रधातु है. विद्दुत        हीटर की
      कुंडली नाइक्रोम की ही बनी होती है.
42.                     क्रोमियम अम्ल का रासायनिक नाम क्रोमियम और आयरन का
      मिश्रधातु है. विद्दुत हीटर की कुंडली नाइक्रोम की ही बनी होती है.
43.                     क्रोमिक अम्ल का रासायनिक  नाम क्रोमियम ट्राईऑक्साइड है.
44.                     ब्रिटेनिका धातु एन्टिमनी ताँबा व टिन की मिश्रधातु है.
45.                     बारूद 75% पोटैशियम नाइट्रेट, 10% गंधक व 15% चारकोल
      एव अन्य पदार्थों का मिश्रण होता है.
46.                     बैबिट धातु – में ८९द% दिन, 9% एन्टिमनी, व 2% ताँबा
      होता है.
47.                     समूह-1 के तत्व क्षार धातुएँ कहलाते हैं एवं इसके
      हाइड्राऑक्साइड क्षारीय होते हैं. जबकि समूह – 2 के तत्व
                क्षारीय मृदा धातुएँ कहलाते हैं.
48.                     टाईटेनियम को रणनीतिक धातु कहते हैं, क्योंकि इसका उपयोग
     रक्षा उत्पादन में होता है. यह इस्पात के बराबर मजबूत लेकिन
                भार में उसका आधा गुण वाला धातु है.

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